Baby Me Nimoniya Hone ke karan: प्रेगनेंसी मैं शिशु को निमोनिया होने के कारण लक्षण

हेलो दोस्तों नमस्ते आप लोगों का स्वागत हैcurrentrojgar blog me  इस ब्लॉग में नई-नई जानकारियां मिलती है आज जो जानकारी मिलेगी बहुत ही महत्वपूर्ण है गर्भ में शिशु को निमोनिया जैसी भयानक रोग हो जाती है जिससे बचना असंभव हो जाता है बच्चों की जान चली जाती है इससे मन को भी खतरा बना रहता है बच्चों के लिए सबसे गंभीर बीमारियां है इसके बचाव और निवारण के लिए और होने के कारण सारी जानकारियां इस ब्लॉग में आपको मिलेगी लिए हम लोग जानते हैं निमोनिया होने के कारण लक्षण और इसका निवारण प्रेगनेंसी के दौरान बच्चों को क्यों होता है इतनी महत्वपूर्ण जानकारी

Baby Me Nimoniya Hone ke karan: प्रेगनेंसी मैं शिशु को निमोनिया होने के कारण लक्षण
Baby Me Nimoniya Hone ke karan: प्रेगनेंसी मैं शिशु को निमोनिया होने के कारण लक्षण

बच्चों में होने वाली बीमारियां अभी का मुख्य बीमारियां है निमोनिया टाइफाइड जैसे अन्य बीमारियां है बच्चों को गर्भ में ही तरह-तरह की बीमारियां से ग्रसित हो जाते हैं इसका मुख्य कारण है गर्भवती मां खुद अपना और अपना शिशु पर ध्यान नहीं रख पाने के कारण

निमोनिया जैसी भयानक रोग क्यों होता है बच्चों में इसका लक्षण और उपाय सारी जानकारियां मिलेगी

 

Baby Me Nimoniya Hone ke karan: प्रेगनेंसी मैं शिशु को निमोनिया होने के कारण लक्षण:

 

● प्रेगनेंसी के दौरान शिशु में निमोनिया होने के कारण

 

• प्रेगनेंसी के दौरान शिशु को निमोनिया होने के कारण एवं लक्षण सिर्फ माता के कारण ही होता है क्योंकि कुछ गर्भवती महिलाओं के कारण सबसे बड़ी गंभीर बीमारियां होती है

● जब शिशु गर्भ में रहता है मां ज्यादा फल फ्रूट्स कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन करने फ्रिज का पानी पीने से यह प्रॉब्लम अक्सर शिशु में देखा गया है

● गर्भ में शिशु को निमोनिया होने का मुख्य कारण है विटामिन डी इसी वजह से ज्यादातर निमोनिया का शिकार हो रहे हैं

● जब महिलाएं प्रेग्नेंट होती है अपना देखरेख बिलकुल छोड़ देती है सिर्फ वह मार्केट के खान-पान पर ध्यान देती है जिसका असर बच्चों पर होता है

● फैशन के कारण भी बच्चा शिकार होते जा रहा है निमोनिया का मां इतनी फैशन करती है सीधा असर बच्चों पर पढ़ती है

● मां को देर रात तक मोबाइल चलाना लेट से उठाना योग आसन नहीं करना पानी कम पीना यह सब प्रॉब्लम से बच्चे को शिकार होते जा रहा है निमोनिया का

■ जो माता धूमपान का सेवन करती है शराब पीती है इसका सीधा असर बच्चों पर पड़ता है बच्चे को तरह-तरह का बीमारियां गर्भ में ही हो जाती है कभी-कभी ऐसे होते हैं बच्चे मौत का शिकार बन जाते हैं

● देखरेख खुद गर्भवती माता को ही करनी पड़ेगी टाइट कपड़ा पहनने के कारण भी बहुत प्रॉब्लम होते हैं

 

Baby ko nimoniya Hone se kaise bache

 

गर्भवती माता को कैसे ध्यान रखना चाहिए बच्चों को निमोनिया जैसी भयानक रूप से बचा सके

■ सबसे पहले गर्भवती माता को अपने शिशु पर 9 महीने तक ध्यान देना चाहिए 9 महीने तक अगर ध्यान देती है आपके शिशु स्वस्थ और सुरक्षित पैदा होंगे

● गर्भवती मां को कभी भी धूमपान का सेवन नहीं करनी चाहिए ध्रुव पान के सेवन करने से बच्चों में बहुत बुरा असर होता है जिस तरह-तरह की बीमारियां हो जाती है

■ गर्भावस्था के दौरान कभी भी ठंडा चीजों का इस्तेमाल न करें जैसे कोल्ड ड्रिंक ठंडा पानी फ्रिज का रखा हुआ सामान पेप्सी कोका-कोला आदि

● गर्भावस्था के दौरान मार्केट कुछ खाने पीने से बचे हैं क्योंकि आपके शिशु के लिए हानिकारक है कभी भी ज्यादा तेल मसाला का सेवन न करें

■ गर्भावस्था के दौरान कभी भी ज्यादा फैशन ना करें इससे शिशु पर सीधा असर होता है

● जब महिला गर्भवती होती है उसे सवेरे जागना चाहिए देर रात तक मोबाइल ना चलाएं और व्यायाम करनी चाहिए

■ गर्भावस्था के दौरान अपने कमरे में ऐसी ना चलाएं इससे बच्चा में डायरेक्ट असर पड़ता है और इससे निमोनिया का शिकार हो जाता है

 

किस विटामिन की कमी से गर्भावस्था के दौरान शिशु को निमोनिया हो जाता है

 

● ठंड में खासकरकिरण त्वचा पर जब आता है तो प्रकृति रूप से विटामिन डी का लेता है सूर्य के किरण गर्भावस्था में शिशु के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास तेजी से होता है हर सप्ताह में काम से कम 30 मिनट तक सूर्य किरण लेना चाहिए सुबह की करने में अल्ट्रावायलेट किरण होती है जो विटामिन डी का काम करती है विटामिन डी के असर से शरीर में जीवाणु का विकास होता है जिससे सर्दी खांसी निमोनिया आदि रोग नहीं होते हैं

Dr Vinay Kumar Dr Ajay Sinha doctor Ankur Priyadarshi

मौके पर यह जानकारी दी विटामिन डी की कमी के कारण ही बच्चों में तरह-तरह के बीमारियां उत्पन्न हो रही है जिससे गंभीर बीमारी की रूप ले लेती है और बच्चे का जान भी जा सकता है

कुछ मुख्य जानकारियां

 

जब मां गर्भवती होती है विशेष तौर पर अपने शिशु पर 9 महीने तक ध्यान देना जरूरी है 9 महीने तक माता के लिए एक परीक्षा की समान है खुद अपना ध्यान रखें तभी आपका घर में पल रहे शिशु स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे निमोनिया होने के कारण बच बचाओ कैसे बचाएं निमोनिया से गर्भवती माता खुद अपने शिशु पर ध्यान रखेगी

 

FAQ

1Q. गर्भ में ही बच्चे को निमोनिया का शिकार क्यों होते हैं लिए कारण जानते हैं

Ans. गर्भ में बच्चों को निमोनिया होने का मुख्य कारण है विटामिन डी जिसके कारण बच्चे निमोनिया का शिकार होते जा रहे हैं इसे कैसे बचे गर्भ में पल रहे शिशु पर विशेष ध्यान माता को ही देना चाहिए क्योंकि विटामिन डी की कमी से यह प्रॉब्लम बढ़ती जा रही है अगर 30 मिनट रोजाना सूर्य के करने में बैठे यह बीमारी से निजात पा सकते हैं

 

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